प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रतिभा पाल ने बड़ी कार्रवाई की है।
रीवा
रीवा जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण न करने पर गंगेव जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्राची चौबे पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत गंगेव में कई नागरिकों के आवेदन तय समय-सीमा के बाद भी लंबित पाए गए थे। इस पर कलेक्टर ने गंभीरता दिखाते हुए पहले जनपद सीईओ प्राची चौबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और लंबित मामलों पर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन निर्धारित समय में उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रशासन को नहीं दिया गया।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त कदम उठाते हुए सीईओ पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित कर दिया। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन के भीतर जुर्माना राशि जमा कर उसका चालान कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करें।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता को मिलने वाली सेवाओं में देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अधिकारी तय समय-सीमा में काम नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में हुई इस कार्रवाई के बाद अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हलचल मच गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि आम जनता के आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




