जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में धान खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है।
मझौली जबलपुर
ग्राम पिपरिया स्थित सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित श्रीजी वेयरहाउस, जय भवानी वेयरहाउस और भगवती वेयरहाउस में धान खरीदी में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विशेष शाखा द्वारा तैयार गोपनीय प्रतिवेदन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों पर 901 किसानों से धान खरीदी दर्शाई गई थी, लेकिन पोर्टल बंद होने तक सिर्फ 41 किसानों को ही भुगतान किया गया। इनमें एक नाम आषीश दुबे का भी बताया गया है, जिनके खाते में करीब 20 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि बाकी किसानों का पैसा अब तक लंबित है।
वेयरहाउस में 14,934 क्विंटल धान कम
13 जनवरी 2026 को जिला प्रशासन द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में बड़ा अंतर सामने आया। रिकॉर्ड में 65,235.64 क्विंटल धान दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 45,658.64 क्विंटल धान ही मिली। यानी लगभग 14,934.5 क्विंटल धान (करीब 3.5 करोड़ रुपये की) कम पाई गई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वेयरहाउस की बोरियों पर किसान कोड और स्टैंसिल भी नहीं लगे थे जो नियमों के विपरीत है। इसके बाद खरीदी केंद्र प्रभारी रत्नेश भट्ट और ऑपरेटर अमन सेन ने 174 किसानों की धान को फर्जी बताते हुए उसे पोर्टल से हटाने का अनुरोध कर दिया।
इस पूरे मामले में मझौली थाने में अपराध क्रमांक 22/2026 दर्ज किया गया है। शिकायत कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव द्वारा की गई है। पुलिस ने केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में आंदोलन शुरू कर दिया। किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बीरेंद्र पटेल के नेतृत्व में 9 फरवरी को करीब 100–120 ट्रैक्टर और 200 से ज्यादा किसानों ने मझौली में ट्रैक्टर रैली निकाली।
रैली के दौरान सिहोरा रोड, जबलपुर रोड, कटंगी रोड और बचैया रोड समेत कई मार्गों पर चक्का जाम हो गया, जिससे आम लोगों, स्कूल के बच्चों और एम्बुलेंस तक को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन के आश्वासन के बाद शाम को धरना समाप्त किया गया।
किसानों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं
1. 174 किसानों को फर्जी बताने वाले नाम सार्वजनिक किए जाएं
2. वेयरहाउस परिसर में रखी 4100 क्विंटल धान वापस की जाए या भुगतान किया जाए
3. सरकार द्वारा घोषित धान 3100 रुपये और गेहूं 2700 रुपये समर्थन मूल्य लागू किया जाए
पुराने भुगतान भी अटके
किसानों का आरोप है कि कुछ वेयरहाउसों में पहले से भी भुगतान लंबित है—सियाराम वेयरहाउस (2019) – 215 किसानों का भुगतान बाकी
मां रेवा वेयरहाउस (2024-25)– लगभग 6000 क्विंटल धान का 1.5 करोड़ रुपये बकाया
जय भवानी वेयरहाउस (2024-25) – 30 किसानों की 786 क्विंटल धान का भुगतान अटका
बड़ा आंदोलन होने की चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में जांच पूरी कर भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन जिला स्तर पर उग्र रूप ले सकता है। यहां तक कि ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ किसानों ने आत्मदाह जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी।
फिलहाल प्रशासन जांच का हवाला दे रहा है, लेकिन किसानों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो मझौली में बड़ा किसान आंदोलन खड़ा हो सकता है।




