भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत लोकायुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर-नागपुर हाईवे पर आरटीओ विभाग की महिला आरक्षक और उसके सहयोगी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
जबलपुर
इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने योजना बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि लोकायुक्त टीम पहले से सादे कपड़ों में मौके पर मौजूद थी। तय संकेत मिलते ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला आरक्षक और उसके सहयोगी को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई है।
इस कार्रवाई के बाद आरटीओ विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। उच्च अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेते हुए आगे की जांच के निर्देश दिए हैं।
लोकायुक्त अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी संकेत दिए गए हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद आम जनता में संतोष देखा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर कब तक इस तरह की अवैध वसूली जारी रहेगी। लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार करने से पहले सौ बार सोचे।
लोकायुक्त की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्ती बढ़ रही है, लेकिन सिस्टम में जमी इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जरूरी है।




