मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ रीवा लोकायुक्त पुलिस ने शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) एहसान खान को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
शहडोल। (मझौली दर्पण न्यूज)
आरोपी ASI पर आरोप है कि उसने एक मृतक के परिजनों से, जो सड़क दुर्घटना के बाद हुए चक्काजाम मामले में फंसे थे, उनकी जमानत कराने के बदले में मोटी रिश्वत की मांग की थी।
घटना का विवरण:
शिकायतकर्ता हरीदीन साहू, निवासी गंधिया, ने लोकायुक्त को बताया कि उनके भाई की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद हुए चक्काजाम के मामले में पुलिस ने उनके सहित 18 अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। इन सभी को जमानत दिलाने और पुलिस डायरी में राहत देने के नाम पर ASI एहसान खान लगातार प्रति व्यक्ति 2500 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई:
शिकातकर्ता की सूचना पर लोकायुक्त टीम ने जांच के बाद एक ट्रैप बिछाया। रणनीति के तहत फरियादी को 2000 रुपये देकर ASI के पास भेजा गया। जैसे ही एहसान खान ने अपने किराए के मकान में यह रकम स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसके हाथ धुलवाए, तो वे गुलाबी हो गए।
अन्य आरोपियों से भी मांग रहा था पैसे:
लोकायुक्त की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ASI सिर्फ एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि केस में नामजद अन्य आरोपियों से भी पैसे वसूलने की योजना बना रहा था। इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। यह घटना खाकी वर्दी पर एक और बड़ा दाग है।




