लंबित भुगतान और तौल रसीद न मिलने से आक्रोशित किसानों के धरना-प्रदर्शन के बीच प्रशासन को आखिरकार मौके पर आना पड़ा।
मझौली (जबलपुर)
भारतीय किसान संघ तहसील इकाई मझौली द्वारा पोला तिराहा पर चल रहे धरने के दौरान कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मझौली बृजेश कुमार जाटव स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से सीधी बातचीत कर समस्याओं के निराकरण का उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए सात दिनों का समय मांगा।
किसानों ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि वर्ष 2022–23 में सियाराम वेयरहाउस रानीताल में उपार्जित मूंग का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। इसी तरह 2024–25 में मां रेवा वेयरहाउस धनाडी एवं जय भवानी वेयरहाउस खबरा से धान का भुगतान भी लंबित है, जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब 2025–26 में श्रीजी वेयरहाउस पिपरिया स्थित उपार्जन केंद्र पर किसानों को धान तौल की प्रमाणित रसीद तक नहीं दी गई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में भुगतान और रसीद संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। भारतीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल ने कहा कि किसानों की उपज का भुगतान रोकना और रसीद न देना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
धरना स्थल पर किसानों का गुस्सा और एकजुटता साफ संदेश दे रही है कि यदि सात दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मझौली में किसान आंदोलन और तेज होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




