कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों की सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ सभी विभागों के अधिकारियों को नियत मुख्यालय पर ही निवास करने के निर्देश दिये हैं।
जबलपुर
श्री सिंह ने ये निर्देश आज शनिवार की शाम कलेक्टर कार्यालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य की समीक्षा के लिये आयोजित बैठक में दिये।
कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर निराकरण और शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की निगरानी के लिये यह जरूरी है कि जिले में पदस्थ सभी विभागों के अधिकारी अपने नियत मुख्यालय पर ही निवास करें। श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों को जल्दी ही इस आशय का प्रमाण पत्र भी देना होगा कि वे अपने नियत मुख्यालय पर ही निवास कर रहे हैं। प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं होने पर सबंधित अधिकारी का आगामी माह से वेतन के आहरण पर रोक भी लगाई जा सकती है।
कलेक्टर ने बैठक में मौजूद शिक्षा अधिकारियों से वार्षिक परीक्षाओं के रिजल्ट में सुधार लाने के किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस बारे में अलग से बैठक बुलाई जायेगी। श्री सिंह ने स्कूलों, छात्रावासों एवं आश्रमों का नियमित तौर पर निरीक्षण करने के निर्देश भी शिक्षा एवं जनजातीय विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति तथा वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों पर नजर रखी जाए तथा छात्रावासों एवं आश्रमों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाये।
कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिये। उन्होंने 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत देते हुये कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा की सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निराकरण हो तथा प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं आवेदक की संतुष्टि के साथ ही निराकरण हो।




