जिले में उद्योगों के विकास और नए रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जबलपुर
बैठक में एमएसई‑सीडीपी योजना के तहत जिले में क्लस्टर डेवलपमेंट की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग, ओडीओपी और डिफेंस एंसिलरी सेक्टर में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने कहा कि इन क्षेत्रों में क्लस्टर विकसित होने से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक में डॉ. आर. पी. सिंह, डिप्टी इकोनॉमिक एडवाइजर, एमएसएमई मंत्रालय ने एमएसई-सीडीपी योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं राजेंद्र तोंडपुरकर ने उद्योग क्षेत्र में क्लस्टर मॉडल के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक अनिल कुमार राठौर, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत कुमार रजक, कृषि उपसंचालक सुशील निगम सहित अन्य अधिकारी और उद्यमी भी उपस्थित रहे।
स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि जिले में उद्योग आधारित क्लस्टर विकसित किए जाते हैं तो इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रशासन ने इस दिशा में संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।




