हिन्दू टाईगर फ़ोर्स के ज्ञापन पर कार्रवाई करते हुए ब्लॉग ऑफिसर डॉ. दीपक गायकवाड़ ने जारी किया सख़्त आदेश
सीएचसी मझौली के डॉक्टरों पर कसा शिकंजा
मझौली/जबलपुर
खबर और हिन्दू टाईगर फ़ोर्स के आंदोलन का जबरदस्त असर सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझौली में डॉक्टरों द्वारा सरकारी दवाओं की जगह महंगी मार्केट की दवाइयां लिखकर कमीशनखोरी करने के आरोपों ने आखिरकार प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।
हिन्दू टाईगर फ़ोर्स जिला मंत्री अरविन्द कुमार रजक द्वारा 10 नवम्बर को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया था कि _सीएचसी के डॉक्टर सरकारी मुफ्त दवाओं को नज़रअंदाज़ कर प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स की महंगी दवाइयाँ लिखते हैं। कुछ चुनिंदा मेडिकल दुकानों से कमीशन का लेनदेन होता है।
कई डॉक्टर निजी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं, जो सरकारी सेवा आचार संहिता का सरासर उल्लंघन है।
यह शिकायत सीधे तौर पर गरीब मरीजों की कमर तोड़ने वाली थी।
न्यूज के बाद—तुरंत एक्शन जैसे ही इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया, पूरा स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया।
ब्लॉग ऑफिसर डॉ. दीपक गायकवाड़ एवं मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी CHC मझौली ने 12 नवम्बर को सख़्त आदेश जारी किया, जिसका क्रमांक एन.एच.एम./2025-26/10/3 है।
जारी आदेश में डॉक्टरों को चेतावनी:
डॉ. गायकवाड़ द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है—ड्यूटी के दौरान डॉक्टर केवल सरकारी दवाएँ ही लिखें।
प्राइवेट मार्केट की दवाइयाँ लिखना तुरंत बंद करें।
निजी प्रैक्टिस करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत की पुनरावृत्ति पर मामला उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा और डॉक्टर स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इस आदेश की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जबलपुर को भी भेजी गई है।
क्षेत्र में बढ़ी हलचल — मरीजों में उम्मीद, अनियमित डॉक्टरों में हड़कंप
इस कार्रवाई के चलते: मझौली व आसपास के ग्रामीणों में राहत की भावना है।
अस्पताल स्टाफ में सतर्कता बढ़ी है।जिन मेडिकल स्टोर्स के साथ कथित कमीशन का खेल चल रहा था, वहां भी अब सन्नाटा है।
हिन्दू टाईगर फ़ोर्स का दावा – यह तो सिर्फ शुरुआत है
ज़िला मंत्री अरविन्द कुमार रजक ने कहा—
“हम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लूट बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि आगे भी सरकारी नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”




