धान उपार्जन व्यवस्था में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए खाद्य विभाग ने कुंडम थाना में नौ व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है।
जबलपुर
मामला 21.5 मीट्रिक टन धान के अवैध परिवहन और भंडारण से जुड़ा है, जिसे उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की नीयत से इंदौर से जबलपुर भेजा गया और तिलसानी स्थित वाजपेयी वेयरहाउस में गैरकानूनी रूप से संग्रहित कराया गया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (SDM) कुंडम द्वारा की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में व्यापारियों, बिचौलियों, खरीदी केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित करने की पुष्टि हुई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक पर डाका डालने और सरकारी व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से उपार्जन प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रशासनिक शिकंजा कसता नजर आ रहा है।




