मझौली CHC में पदस्थ BPM ने जिला अस्पताल परिसर में दिखाई गुंडागर्दी, FIR वापस लेने की खुलेआम धमकी
जबलपुर।
सरकारी पद की गरिमा को तार-तार करता एक चौंकाने वाला मामला जबलपुर से सामने आया है। मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ BPM अमित चंदा पर आरोप है कि उसने कानून को ठेंगा दिखाते हुए जिला अस्पताल परिसर को ही दबंगई का अखाड़ा बना डाला। थाना ओमती में दर्ज FIR क्रमांक 75/2026 के मुताबिक, अमित चंदा अपने पिता सुभाष चंदा पर दर्ज आपराधिक प्रकरण को वापस लेने के दबाव में जिला टीकाकरण अधिकारी कार्यालय, विक्टोरिया अस्पताल परिसर में घुसा और जिला डेटा प्रबंधक विजय पाण्डेय को खुलेआम धमकाया।
घटना 6 फरवरी की दोपहर, कार्यालयीन समय की है, जहाँ कर्मचारियों की मौजूदगी में आरोपी ने कहा—“अब मैं तुम्हें देखता हूँ।” इतना ही नहीं, दबंग BPM यहीं नहीं रुका, बल्कि बाद में पीड़ित के निवास पर पहुंचकर उसके बुजुर्ग पिता को भी डराने-धमकाने का आरोप है। पूरी घटना का वीडियो प्रमाण सामने आने के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 232(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
सवाल उठता है—जब स्वास्थ्य विभाग में बैठे अधिकारी ही कानून तोड़ने पर उतारू हों, तो आम नागरिक न्याय और सुरक्षा की उम्मीद किससे करे?




