प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण अभियान शुरू
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में तय समय-सीमा में होगा विशेष अभियान
नई दिल्ली
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और लघु व्यापारियों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत विशेष ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से देश के करोड़ों श्रमिकों को सीधे पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
दो चरणों में चलेगा विशेष अभियान
पंजीकरण अभियान को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दो चरणों में संचालित किया जाएगा—चरण–1 (शहरी क्षेत्र):15 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चरण–2 (ग्रामीण क्षेत्र): 16 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक निर्धारित अवधि के दौरान श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा।
क्या है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना?
यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए बनाई गई है, जिसमें 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3000 प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था है। श्रमिक की आयु के अनुसार मामूली मासिक अंशदान पर यह पेंशन सुनिश्चित की जाती है, जिसमें सरकार बराबर की राशि का योगदान देती है।
कौन उठा सकता है लाभ?
योजना का लाभ वे श्रमिक ले सकते हैं जो— असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हों लघु व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार आदि हों जिनकी आय सीमित हो और जो किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से आच्छादित न हों
बुढ़ापे में आत्मसम्मान के साथ जीवन
इस योजना के जरिए श्रमिकों को न केवल पेंशन की सुरक्षा मिलती है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का भरोसा भी मिलता है। सरकार का मानना है कि यह योजना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
पंजीकरण कराएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं
प्रशासन ने सभी पात्र श्रमिकों और लघु व्यापारियों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण अभियान का लाभ उठाएं और अपने भविष्य को सुरक्षित करें।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना—आज का छोटा योगदान, कल की बड़ी पेंशन सुरक्षा।




