मझौली क्षेत्र स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र बड़ा देव देवालय के आसपास हुए अतिक्रमण को लेकर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।
मझौली (जबलपुर)।
गुरुवार को जबलपुर वन मंडल के अधिकारी (DFO) स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके निर्देशन में वन विभाग की टीम द्वारा सीमांकन (परिसीमन) की प्रक्रिया शुरू की गई।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से मंदिर के आसपास वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और प्रशासन को कई बार इस संबंध में अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब विभाग हरकत में आया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमांकन के जरिए यह तय किया जा रहा है कि वास्तविक वन क्षेत्र कितना है और किन-किन स्थानों पर अवैध कब्जा किया गया है।
वन विभाग के अमले ने मौके पर मौजूद लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई के चलते क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। कई अतिक्रमणकारियों में डर का माहौल देखा जा रहा है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग की इस पहल का समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहेगी।
क्या बोले अधिकारी?
वन मंडल अधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देशों के तहत वन भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह का अवैध कब्जा हटाया जाएगा और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की टीम आगामी दिनों में विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई हो सकती है।




