प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ दावों के बीच एक और शर्मनाक मामला सामने आया है।
छतरपुर (मध्य प्रदेश)
छतरपुर जिले के बक्सवाहा में मुख्य नगर अधिकारी (CMO) नेहा शर्मा और उपयंत्री शोभित मिश्रा को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार** किया है। आरोप है कि दोनों ने आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पीड़ित से 40 हजार रुपये की मांग की थी।
पीड़ित ने दबाव और अवैध मांग से तंग आकर ACB से संपर्क किया। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाया और तय रकम लेते ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नेहा शर्मा की यह पहली पोस्टिंग बताई जा रही है और इतनी कम रकम के लिए सरकारी पद की मर्यादा को ताक पर रख दिया गया।
कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा है। ACB आगे की जांच कर रही है और पूछताछ में अन्य मामलों की कड़ियाँ भी खंगाली जा रही हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है—लोग सवाल उठा रहे हैं कि योजनाओं का लाभ रिश्वत का मोहताज क्यों है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन यह घटना फिर साबित करती है कि छोटी रिश्वत, बड़ा कलंक बन जाती है।




