शासन को गुमराह कर एक अधिकारी की छवि धूमिल करने के गंभीर आरोप में सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा पर थाना ओमती में एफआईआर दर्ज की गई है।
जबलपुर
पुलिस विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुभाष चंद्रा पिता स्व. छेदीलाल (उम्र 75 वर्ष), निवासी पी-46 जवाहर नगर, आधारताल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जबलपुर के पूर्व जिला कार्यक्रम प्रबंधक विजय पाण्डेय को पद से हटवाने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लिया। आरोप है कि विजय पाण्डेय की 10+2 की अंकसूची से संबंधित एक सत्यापन पत्र की कूटरचना कर उसे शिकायत के साथ मिशन संचालक एनएचएम भोपाल एवं कलेक्टर जबलपुर को भेजा गया, साथ ही उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर ने संपूर्ण प्रकरण की जानकारी थाना ओमती को दी। जांच में स्पष्ट हुआ कि 11 सितंबर 2025 को ई-मेल के माध्यम से भेजा गया सत्यापन पत्र मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल के नाम से पूर्णतः फर्जी था। बोर्ड से कराई गई आधिकारिक पुष्टि में पत्र को जाली घोषित किया गया।
पुलिस ने इसे सुनियोजित रूप से की गई मानहानि की कोशिश मानते हुए आरोपी के विरुद्ध धारा 336(4) एवं 340(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल सुभाष चंद्रा की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। यह मामला फर्जी शिकायतों के जरिए अधिकारियों को फंसाने की प्रवृत्ति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।




