कलेक्टर की अध्यक्षता में विक्रेताओं की बैठक संपन्न.
जबलपुर
जिले में उर्वरक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से अब ई-टोकन प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू करने की तैयारी है। इसी संबंध में आज कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई।
कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी विक्रेताओं को आश्वस्त किया कि ई-टोकन प्रणाली को लागू करने में आ रही सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सिकमीनामा, ट्रस्ट, वनपट्टा एवं फार्मर रजिस्ट्री के अनुमोदन हेतु एस.डी.एम. की लॉगिन में आवश्यक विकल्प उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 10 नवंबर से जिले में पूरी तरह ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरक वितरण का कार्य किया जाएगा।
कलेक्टर श्री सिंह ने उर्वरक विक्रेताओं से किसानों को उर्वरक की सहज समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की इस महत्वपूर्ण प्रणाली को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
अपर कलेक्टर नाथूराम गौड़ ने विक्रेताओं से संवाद करते हुए कहा कि सभी को आपसी सहयोग से ई-टोकन प्रणाली को शत-प्रतिशत सफल बनाकर जिले को अव्वल स्थान पर लाना है। उन्होंने कहा कि यदि विक्रेताओं को कोई समस्या आती है, तो वे तुरंत इसकी जानकारी दें ताकि उसका तत्काल निराकरण किया जा सके।
उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम ने बताया कि अब निजी उर्वरक विक्रेता भी अपनी रिटेलर आई.डी. से यह देख सकते हैं कि किसानों द्वारा प्रतिदिन कितनी मात्रा के कितने टोकन जनरेट किए गए हैं। डॉ. निगम ने उर्वरक वितरण में हमेशा की तरह सहयोग के लिए विक्रेताओं का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि ई-टोकन प्रणाली में भी उनका सहयोग मिलेगा, जिससे जिला एक बार फिर उर्वरक वितरण में अव्वल आ सकेगा।
बैठक में सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी, श्रीमती कीर्ति टंडन, अनुविभागीय अधिकारी कृषि डॉ. इंदिरा त्रिपाठी, श्रीमती प्रतिभा गौर, श्रीमती मनीषा पटेल, खाद बीज एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित जिले के समस्त उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।




