भारतीय किसान संघ तहसील इकाई मझौली द्वारा किसानों की गंभीर और लंबित समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
मझौली (जबलपुर)
आंदोलन का मुख्य कारण विभिन्न वर्षों के फसल भुगतान में देरी और खरीदी व्यवस्था की खामियां हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
किसान संघ के अनुसार वर्ष 2022-23 की मूंग का भुगतान आज तक सियाराम वेयरहाउस, रानीतालन से लंबित है। इसी तरह वर्ष 2024-25 की धान का भुगतान मां रेवा वेयरहाउस, धनाडी एवं जय भवानी वेयरहाउस, खबरा से नहीं किया गया। वहीं वर्तमान खरीदी वर्ष 2025-26 में उपार्जन केंद्र श्रीजी वेयरहाउस, पिपरिया पर धान तौल के बावजूद किसानों को प्रमाणित तौल रसीद तक नहीं दी जा रही, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष वीरेन्द्र पटेल ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते किसान आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। मंत्री रंजीत पटेल एवं राजेन्द्र झारिया ने चेतावनी दी कि जब तक सभी लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण और खरीदी व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।




