ट्रैक्टर-ट्रॉली से घिरा मझौली, चारों मार्ग ठप
मझौली/जबलपुर
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर मझौली में किसानों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर फूट पड़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ सैकड़ों किसान मुख्य बाजार में उतर आए और नगर के चारों प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया अचानक हुए चक्काजाम से पूरा मझौली ठहर गया—यातायात घंटों बाधित रहा, बाजार बंद हो गए और आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
किसानों का आरोप है कि धान, गेहूं और मूंग का भुगतान महीनों से लंबित है, वहीं वेयरहाउसों में भारी गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। इसी प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ किसानों ने सख़्त तेवर अपनाए।
धरना-स्थल पर स्थिति बिगड़ती देख पहले एसडीओपी सिहोरा आदित्य संघारिया और तहसीलदार मझौली ललित ग्वालवंशी पहुंचे। किसानों के तेवर शांत न होने पर बाद में एसडीएम सिहोरा पुष्पेंद्र अहाके मौके पर पहुंचे और किसानों से लंबी चर्चा की। प्रशासन ने सात दिनों के भीतर सभी समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने धरना स्थगित किया
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम सिहोरा पुष्पेंद्र अहाके ने कहा किसानों की सभी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। भुगतान, वेयरहाउस से संबंधित गड़बड़ियों और अन्य शिकायतों की जांच कर सात दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा**। संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।”
किसानों की चेतावनी
हालांकि प्रशासन के इस बयान से किसान संतुष्ट नजर नहीं आए। किसान संगठन इकाई मझौली के तहसील अध्यक्ष बीरेंद्र पटेल ने दो टूक कहा—“अब सिर्फ आश्वासन नहीं, है जमीन पर कार्रवाई चाहिए। यदि सात दिन में किसानों का भुगतान और भ्रष्टाचार पर ठोस कदम नहीं उठे, तो आंदोलन को पूरे तहसील स्तर पर और उग्र किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




