मनरेगा में भ्रष्टाचार पर प्रशासन का करारा प्रहार
मथुरा।
जनपद मथुरा की ग्राम पंचायत दतिया में मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर प्रशासन ने बिना देर किए सख्त कार्रवाई की है। जांच में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक को दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए हैं, वहीं ₹1.70 लाख से अधिक की राशि की रिकवरी भी निर्धारित कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में मस्टर रोल, सामग्री भुगतान और कार्य की गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने स्थलीय जांच कराई, जिसमें कागजी कार्यों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर नियमों की खुली अवहेलना की गई। इसके बाद प्रशासन ने तीनों जिम्मेदार अधिकारियों/जनप्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगे संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई और एफआईआर तक की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दतिया ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं रहेगी। मनरेगा कार्यों की जिलेभर में समीक्षा की जा रही है और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया है—जनधन की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर शिकायत की सुनवाई होगी और हर दोषी पर कार्रवाई तय है।”
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और मनरेगा का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
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