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Wednesday, February 4, 2026

EOW की कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग का काला सच उजागर

सपनों का घर या खुला धोखा? जबलपुर में 400 परिवारों के अरमानों को ‘नरक’ बनाने वाला बिल्डर–इंजीनियर गठजोड़ बेनकाब

जबलपुर।

अपने घर का सपना हर मध्यमवर्गीय परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद होता है, लेकिन जबलपुर में यही सपना करीब 400 परिवारों के लिए पिछले 10 वर्षों से अभिशाप बन गया। चकाचक कॉलोनी का झांसा देकर अविकसित जमीन पर प्लाट बेचने, फर्जी तथ्यों के आधार पर NOC लेने और फिर लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित छोड़ देने वाले डेवलपर चांडक और तत्कालीन इंजीनियर अर्चना दुबे के खिलाफ अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने केस दर्ज कर लिया है।

  • कागजों में स्वर्ग, हकीकत में बदहाली

जांच में सामने आया है कि जिस कॉलोनी को सड़क, नाली, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सभी सुविधाओं से लैस बताकर अनुमति ली गई, वह जमीन पर पूरी तरह अविकसित थी। न तो नियमानुसार विकास कार्य किए गए, न ही कॉलोनी को वैध रूप से विकसित किया गया। इसके बावजूद सैकड़ों प्लाट बेच दिए गए।

10 साल से सुविधाओं के लिए तरसते लोग

कॉलोनी में रहने वाले लोग बीते एक दशक से कच्ची और टूटी सड़कों नालियों के अभाव पेयजल संकट बिजली और स्ट्रीट लाइट की कमी बारिश में जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायतें की गईं, आवेदन दिए गए, लेकिन प्रशासनिक चुप्पी और मिलीभगत ने लोगों की पीड़ा को और बढ़ा दिया।

फर्जी NOC और अवैध प्लाटिंग का खेल

EOW की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि

कॉलोनी को झूठी रिपोर्ट के आधार पर NOC दिलाई गई

नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग की गई

खरीदारों को भ्रमित कर करोड़ों रुपये वसूले गए

यह पूरा खेल डेवलपर और जिम्मेदार इंजीनियर की सांठगांठ के बिना संभव नहीं था।

अब सवाल प्रशासन पर भी

EOW की कार्रवाई के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं— 10 साल तक शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

अवैध कॉलोनी को वैध बताने वाले अफसरों पर कार्रवाई कब होगी?

पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सुविधाएं कब मिलेंगी?

पीड़ितों को इंसाफ या फिर लंबी लड़ाई?

फिलहाल केस दर्ज होना राहत की शुरुआत जरूर है, लेकिन पीड़ित परिवारों की मांग साफ है—सिर्फ केस नहीं, हमें हमारा हक और बुनियादी सुविधाएं चाहिए।”

अब निगाहें EOW की आगे की जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह मामला सिर्फ एक कॉलोनी का नहीं, बल्कि जबलपुर में पनप रहे अवैध रियल एस्टेट माफिया के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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