पंचायती राज व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में ‘ई-ग्रामसाथी’ एक क्रांतिकारी पहल के रूप में सामने आया है।
जबलपुर मझौली
यह एआई आधारित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को शासन से जुड़ी जानकारियाँ तुरंत, सटीक और सरल भाषा में उपलब्ध कराता है।
‘ई-ग्रामसाथी’ के जरिए पंचायत से संबंधित योजनाओं, प्रक्रियाओं, अधिकारों और सेवाओं पर पूछे गए सवालों का स्पष्ट व भरोसेमंद मार्गदर्शन मिलता है। इससे न केवल भ्रम की स्थिति खत्म होती है, बल्कि बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी भी कम होती है।
इस प्लेटफ़ॉर्म की सबसे बड़ी ताकत है पंचायत और नागरिकों के बीच सीधा संवाद। पारदर्शिता बढ़ने से जवाबदेही मजबूत होती है और निर्णय प्रक्रिया अधिक जनहितकारी बनती है। खास बात यह है कि ‘ई-ग्रामसाथी’ जमीनी स्तर पर डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देते हुए डिजिटल सुशासन को वास्तविक रूप में लागू करता है।
कुल मिलाकर, ‘ई-ग्रामसाथी’ केवल एक तकनीकी टूल नहीं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने वाला डिजिटल साथी बनकर उभर रहा है—जो पंचायत व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।




