25 दिन बाद उग्र हुआ किसान आंदोलन


मझौली (जबलपुर)।
धान उपार्जन का भुगतान न मिलने से आक्रोशित किसानों ने 25 दिनों से जारी धरना प्रदर्शन के बाद आंदोलन को नया और प्रतीकात्मक रूप दे दिया। किसान संघ मझौली इकाई के बैनर तले किसानों ने शासन-प्रशासन की “अर्थी यात्रा” निकालकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
किसानों का आरोप है कि तहसील मझौली क्षेत्र के 174 किसानों को धान बिक्री के बाद भी अब तक वेयरहाउस के माध्यम से भुगतान नहीं मिला है। बार-बार ज्ञापन और धरना देने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसान आक्रोशित हैं।
पुरानी मोहन दुकान से तहसील तक निकली रैली


किसान संघ के आह्वान पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे पुरानी मोहन दुकान से तहसील कार्यालय तक अर्थी यात्रा निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि धान की लागत, कर्ज और पारिवारिक जरूरतों के बीच भुगतान अटकने से वे आर्थिक संकट में हैं।
संघ के पदाधिकारियों वीरेंद्र पटेल, रंजीत पटेल और राकेश पटेल ने कहा कि “शासन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की बात करता है, लेकिन महीनों तक भुगतान रोककर उन्हें मजबूर किया जा रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव


धरना प्रदर्शन के 25 दिन पूरे होने के बाद यह विरोध प्रदर्शन प्रशासन के लिए चेतावनी माना जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि—
- 174 किसानों का बकाया भुगतान तत्काल जारी किया जाए,
- वेयरहाउस स्तर पर लंबित प्रकरणों की जांच हो,
- और भविष्य में भुगतान में देरी न हो इसके लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस बढ़ते किसान आक्रोश को कैसे संभालता है। फिलहाल मझौली में किसान आंदोलन ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।




