सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौली में पदस्थ डॉक्टरों पर मरीजों को सरकारी मुफ्त दवाओं की जगह महंगी मार्केट की दवाएँ लिखकर कमीशनखोरी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मझौली (जबलपुर)संवाददाता।
इस संबंध में हिन्दू टाईगर फोर्स ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मझौली को ज्ञापन सौंपते हुए **उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
हिन्दू टाईगर फोर्स के जिला मंत्री अरविन्द कुमार रजक, निवासी रानीताल, जबलपुर ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मझौली सीएचसी में डॉक्टरों द्वारा लगातार मरीजों को निजी मेडिकल दुकानों की महंगी दवाएँ लिखी जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोर्स के साथ डॉक्टरों की मिलीभगत बताई जा रही है। इसके चलते गरीब और ग्रामीण मरीजों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
श्री रजक ने बताया कि कुछ चिकित्सक मझौली एवं आसपास के क्षेत्रों में निजी क्लिनिक भी संचालित कर रहे हैं, जो सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह आचरण स्वास्थ्य सेवा की साख पर बट्टा लगा रहा है और आम नागरिकों का सरकारी अस्पतालों पर से भरोसा उठता जा रहा है।
ज्ञापन प्राप्त होने के बाद ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. दीपक गायकवाड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि—“मामले की प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी चिकित्सक द्वारा नियमों का उल्लंघन या निजी हित में मरीजों को महंगी दवाएँ लिखे जाने की बात पाई जाती है, तो सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ. गायकवाड़ ने यह भी बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




