केंद्र सरकार द्वारा श्रम संहिताओं के तहत डिजिटल ऑडियो-विजुअल वर्कर्स, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों, डबिंग आर्टिस्ट और स्टंट पर्सन को औपचारिक मान्यता देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
नई दिल्ली
इस कदम को मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत अब इन क्षेत्रों से जुड़े लाखों कामगारों को कानूनी पहचान, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे। लंबे समय से ये वर्ग असंगठित क्षेत्र में कार्यरत थे, जिससे उन्हें श्रमिक सुरक्षा और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।
नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत इन वर्कर्स को न्यूनतम वेतन कार्य के निर्धारित घंटे बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यस्थल सुरक्षा
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उनके कार्य जीवन में स्थिरता और सुरक्षा बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से फिल्म, टीवी, ओटीटी और डिजिटल मीडिया उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। इससे कामगारों की कार्य स्थितियों में सुधार होगा और उद्योग में पारदर्शिता बढ़ेगी।
डबिंग आर्टिस्ट, स्टंट पर्सन और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स लंबे समय से अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए मांग उठा रहे थे। अब इस निर्णय के बाद उन्हें औपचारिक रूप से श्रमिक वर्ग में शामिल किया गया है, जिससे उनकी पहचान और अधिकार दोनों मजबूत होंगे।
सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित क्षेत्र के कामगारों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि अब उन्हें भी अन्य श्रमिकों की तरह सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।




