देश में स्वरोज़गार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की स्टैंड-अप इंडिया योजना आज भी आम लोगों के लिए बड़ी उम्मीद बनी हुई है।
नई दिल्ली
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्ति और महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
योजना की खास बात यह है कि प्रत्येक बैंक शाखा से कम से कम एक महिला और एक SC/ST उद्यमी को ऋण देना अनिवार्य किया गया है। यह लोन मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और ट्रेडिंग जैसे क्षेत्रों के लिए दिया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकार का उद्देश्य है कि रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी तैयार हों। हालांकि, जमीनी स्तर पर जानकारी के अभाव और बैंकों की उदासीनता के चलते कई पात्र लोग आज भी इससे वंचित हैं। जरूरत है जागरूकता और पारदर्शी क्रियान्वयन की, ताकि योजना का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचे।




