जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मछुआ समुदाय को दी जा रही सरकारी योजनाओं की हकीकत सामने लाने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत बड़ा कदम उठाया गया है।
मझौली जबलपुर
आवेदक शिवम साहू द्वारा जिला जबलपुर के लोक सूचना अधिकारी को प्रस्तुत आवेदन में विगत पाँच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान *मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना* सहित अन्य मत्स्य पालन योजनाओं के लाभार्थियों की ग्राम पंचायत-वार प्रमाणित जानकारी मांगी गई है।
आवेदन में लाभार्थियों के नाम, ग्राम, योजना, वित्तीय लाभ, स्वीकृति आदेश, शासकीय तालाबों के पट्टे, मछुआ समितियों की सूची, बजट आवंटन-व्यय विवरण तथा अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इस RTI ने मझौली में मछुआ योजनाओं के क्रियान्वयन, पारदर्शिता और संभावित गड़बड़ियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं—क्या मछुआ समुदाय तक योजनाओं का लाभ ईमानदारी से पहुंचा, या कागजों में ही समृद्धि बांटी गई? सूचना सामने आने के बाद ही सच उजागर होगा।




