कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आज उपार्जन व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
जबलपुर
इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों की सूची प्राप्त हो गई है, अतः उपार्जन केंद्रों का टीम बनाकर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, शेड सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी केंद्र पर समय पर उपस्थित रहें और खरीदी की निगरानी करें। इस व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारी ड्यूटी ऑर्डर भी जारी करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सिकमी के सत्यापन जांच उपरांत एसएनसी जारी हो जाए। जिन गोदामों में पहले से धान रखा हुआ है, उन्हें लॉक किया जाए और यदि गोदाम खुलता है, तो उसका समुचित कारण बताया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी इसकी निगरानी भी करें और उपार्जन समिति पर भी निगरानी रखें।
प्रभारी उपायुक्त डॉ. प्रशांत कौरव ने सुझाव दिया कि कृषक की उपज की तौल के पश्चात तौलकर्ता एवं उपार्जन प्रभारी के संयुक्त हस्ताक्षर से मैन्युअल कृषक पर्ची जारी की जाए, जिसके सत्यापन के उपरांत ही कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा वास्तविक कृषक पर्ची जारी की जाए। इसके अलावा प्रतिदिन उपार्जित स्कंध को ऑपरेटर द्वारा निकाली गई कृषक पर्ची एवं शेष तौल पर्ची से उपार्जन समाप्त होने पर मिलान किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि उपार्जन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें।




