छात्रावासों में किचन गार्डन करें तैयार, पौष्टिक भोजन के लिए रंगीन रोटी एवं मुनगा का करें प्रयोग – कलेक्टर
सागर
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बालक-बालिका छात्रावास, रहली का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और छात्र-छात्राओं से रू-ब-रू होकर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के समय कलेक्टर ने छात्रावास परिसर में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था, बिजली-प्रकाश, शौचालय आदि की स्थिति का जायजा लिया। छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्होंने उनके रहन-सहन, पढ़ाई और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बच्चों द्वारा बताई गई छोटी-मोटी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने छात्रावास की गुणवत्ता में सुधार के लिए एसडीएम एवं सहायक संचालक शिक्षा को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास में बच्चों को गुणवत्तायुक्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए, प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक बार छात्रावास में आकर बच्चों के साथ बैठकर भोजन करें तथा स्वयं भोजन की गुणवत्ता की जांच करें, छात्र-छात्राओं को नीट, यूपीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु आवश्यक पुस्तकें, पुराने प्रश्न-पत्र तथा अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा की इसके साथ साथ छात्रावास में फोन, इंटरनेट की भी व्यवस्था की जाए ताकि आवस्यकता पड़ने पर बच्चों से तत्कात संपर्क स्थापित किया जा सके तथा बच्चे भी अपने परिजनों से बात कर सकें। उन्होंने कहा की समय समय पर छात्रावास के बच्चों को जिले में पदस्थ डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस एवं राज्य सेवा के अधिकारियों को छात्रावासों में आमंत्रित करें एवं मार्गदर्शन दिलाएं।
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि छात्रावासों में पौष्टिक खाना उपलब्ध हो इसके लिए विद्यार्थियों की मदद से किचन गार्डन तैयार कराएं जिसमें पालक, लौकी, मुनगा, धनिया, गिल्की सहित अन्य पौष्टिक सब्जियों का उत्पादन करें और इसी का उपयोग कर पौष्टिक भोजन तैयार कराएं। उन्होंने कहा कि रंगीन रोटी भी उपलब्ध कराएं जिसमेें चुकंदर, पालक का उपयोग हो। छात्रावास की रंगाई पुताई के साथ साथ साफ-सफाई एवं छात्रावास परिसर में कीट रोधी एवं मच्छररोधी दवा के छिड़काव करने के भी निर्देश दिए।




