प्राकृतिक एवं औषधि खेती को अपनाने किसानों को करें प्रोत्साहित
आत्मा गवर्निंग बोर्ड की निगरानी समिति की बैठक संपन्न
जबलपुर
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने जिले में प्राकृतिक एवं औषधि खेती को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश कृषि अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने मछली पालन के क्षेत्र को भी बढ़ाने की आवश्यकता बताई है। कलेक्टर श्री सिंह आज गुरूवार को आत्मा परियोजना के अंतर्गत जिले में हुए कार्यों एवं नवाचारों की समीक्षा के लिए आयोजित आत्मा गवर्निंग बोर्ड की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में आत्मा परियोजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों का अनुमोदन किया गया तथा कृषि एवं सहयोगी विभागों द्वारा प्रस्तावित गतिविधियों पर चर्चा की गई। अपर कलेक्टर नाथूराम गोंड, आत्मा गवर्निंग बोर्ड के सभी शासकीय एवं अशासकीय सदस्य तथा प्रगतिशील किसान बैठक में उपस्थित थे।
बैठक में प्रगतिशील किसानों ने बताया कि जिले में नवाचारों के अंतर्गत बायो फोर्टिफाइड गेहूं एवं औषधि फसल चिंया की खेती की जा रही है। पांच वर्ष पूर्व की गई चिया की खेती के अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं और लगभग 200 किसानों द्वारा इसे अपनाया गया है। किसान एफपीओ के माध्यम से चिया की पैकिंग एवं ब्रांडिंग कर अच्छा लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा जिले से बाहर के किसानों को भी चिंया बीज उत्पादन हेतु प्रदान किये जा रहे हैं।
आत्मा परियोजना की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना पर भी चर्चा की गई। चर्चा के दौरान बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत जिले में बायो रिसोर्स सेंटर के लिए 27 आवेदनों का अनुमोदन किया गया है तथा प्रत्येक बायो रिसोर्स सेंटर के लिए प्रथम वर्ष 50 हजार रूपये तथा प्राकृतिक खेती करने वाले प्रत्येक किसानों को 2 हजार रूपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
बैठक में उप संचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा डॉ. एस के निगम ने बताया कि जबलपुर में प्राकृतिक खेती योजना अंतर्गत 40 कलस्टर का निर्माण कर 5 हजार किसानों एवं 80 कृषि सखियों का चयन किया गया है। उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती नविता उरकुड़े ने आत्मा योजना एवं प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत प्रस्तुति बैठक में दी। बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र के डी के सिंह, सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी तथा प्रगतिशील किसानों में श्री पुष्पराज त्रिपाठी, श्री श्यामलाल तिवारी, श्री सूर्यभान सिंह राजपूत एवं श्री कैलाश यादव भी मौजूद थे।




