संस्कारधानी के स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से गरमाया भ्रष्टाचार का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है।
जबलपुर
विभाग में हुए कथित 4 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर आखिरकार ‘कार्रवाई का चक्र’ चला और CMHO डॉ. संजय मिश्रा को निलंबित कर दिया गया। इस निलंबन आदेश के आते ही शहर में विरोध की राजनीति कर रही समाजवादी पार्टी ने मालवीय चौक पर जमकर जश्न मनाया और इसे जनता की जीत बताया।
मालवीय चौक पर बांटे लड्डू, जलाए पोस्टर
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डॉ. संजय मिश्रा के निलंबन की खबर मिलते ही मालवीय चौक पर एकजुट होकर खुशी जाहिर की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने न केवल राहगीरों को लड्डू खिलाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीत का जश्न मनाया, बल्कि निलंबित CMHO के पोस्टर जलाकर अपना आक्रोश भी प्रकट किया।
2 साल से जारी था ‘भ्रष्टाचार का सिंडिकेट’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में बीते दो वर्षों से भ्रष्टाचार और सिंडिकेट का खेल खुलेआम जारी था। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर बंदरबांट की जा रही थी, जिसके खिलाफ हमने लोकायुक्त से लेकर मानवाधिकार आयोग तक गुहार लगाई थी।
कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई का स्वागत
सपा नेता ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर का आभार व्यक्त किया। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि केवल निलंबन काफी नहीं है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि: पूरे मामले की विभागीय जांच समय सीमा में पूरी हो। घोटाले की राशि की रिकवरी की जाए। दोषी अधिकारियों को चिन्हित कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।
समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यह केवल एक अधिकारी के निलंबन का मामला नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की सफाई का अभियान है। यदि स्वास्थ्य सेवाओं में फिर से किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया गया, तो पार्टी जमीनी स्तर पर उग्र आंदोलन जारी रखेगी।




