11:30 बजे तक भी दफ्तर से नदारद अधिकारी कर्मचारी
मझौली (जबलपुर)।
नगर परिषद मझौली में लापरवाही, मनमानी और गैर-जवाबदेही अब आम बात बनती जा रही है। कार्यालय समय शुरू होने के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले, जिससे जरूरी कार्यों के लिए आए नागरिकों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा। मंगलवार को सुबह 11:30 बजे तक भी नगर परिषद कार्यालय में जिम्मेदारों की कुर्सियां खाली रहीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि नगर परिषद मझौली की रोज़मर्रा की कार्यप्रणाली बन चुकी है। अधिकारी समय पर नहीं आते और कर्मचारी मनमर्जी से काम करते हैं, जिससे आम जनता को बार-बार अपमान और परेशानी झेलनी पड़ती है।
नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब नगर परिषद का दफ्तर ही समय पर संचालित नहीं होता, तो नगर विकास, स्वच्छता और जनसेवा योजनाएं कैसे संचालित होंगी? जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अनुपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो और नगर परिषद की लचर व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
नगर परिषद कार्यालय में राहुल काछी अकेले नहीं थे। जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति कर जमा, पानी–नाली से जुड़ी शिकायतें और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे कई नागरिक हलकान और नाराज़ नजर आए। बुजुर्गों और महिलाओं को भी इंतज़ार करना पड़ा, लेकिन किसी जिम्मेदार ने स्थिति संभालने की कोशिश नहीं की।
वार्ड नंबर 3 से आए राहुल काछी ने बताया कि वे सुबह 11 बजे से नगर परिषद कार्यालय में बैठे हैं, लेकिन 11:30 बजे तक भी किसी अधिकारी या कर्मचारी का अता-पता नहीं है। राहुल का कहना है कि वे अत्यंत आवश्यक कार्य से आए थे, पर दफ्तर में ताला तो खुला है, सेवा देने वाला कोई मौजूद नहीं।




