हर शुक्रवार समीक्षा, अभियोजन मामलों पर कड़ी नजर
जबलपुर/भोपाल।
बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए VEDA पहल के अंतर्गत बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से लागू किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को श्रम के दलदल से बाहर निकालकर शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करना है। प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई, निगरानी और अभियोजन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि बाल श्रम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानून साफ है—बाल श्रम अपराध है
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि—14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना दंडनीय अपराध है14 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों को खतरनाक उद्योगों में नियोजन पूरी तरह प्रतिबंधित है इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हर शुक्रवार समीक्षा, ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं
VEDA पहल के तहत—हर शुक्रवार समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है
दर्ज अभियोजन मामलों की सख्त मॉनिटरिंग हो रही है
चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है
प्रशासन का फोकस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने पर भी है।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय
श्रम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम दिखाई दे, तो तत्काल सूचना दें—
📞 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 (टोल-फ्री | 24×7)
सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बंधक श्रमिक पुनर्वास योजना 2021 से मिला सहारा
बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए पीड़ितों के लिए सरकार ने आर्थिक पुनर्वास की भी व्यवस्था की है वयस्क पुरुष बंधक श्रमिक: ₹1,00,000 महिला बंधक श्रमिक / अनाथ बच्चे: ₹2,00,000 शारीरिक शोषण या मानव तस्करी के पीड़ित: ₹3,00,000
यह सहायता पीड़ितों को नया जीवन शुरू करने का आधार प्रदान कर रही है।
श्रम विभाग की सीधी हेल्पलाइन
किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत या सहायता के लिए—📞 श्रम विभाग हेल्पलाइन: 18002338888
समाज से अपील
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि बाल श्रम सिर्फ़ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक अपराध है। जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक इस बुराई का अंत संभव नहीं।
बच्चों के हाथों में औज़ार नहीं, किताबें हों—यही VEDA पहल का संकल्प है।
बाल श्रम के विरुद्ध एकजुट हों—सूचना दें, कार्रवाई कराएं और बच्चों का भविष्य बचाएं।




