न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला ने टीआइ को फटकार लगाते हुए कहा कि तुम दुर्भाग्य से उस कुर्सी पर बैठे हो।
इंदौर
कानून के छात्र असद अली वारसी ने 156 प्रकरणों की सूची कोर्ट में पेश की थी, जो टीआइ इंद्रमणि पटेल की पदस्थापना के दौरान (23 अक्टूबर 2023 से 23 अक्टूबर 2024) दर्ज किए गए थे। इन प्रकरणों में सलमान पुत्र जुल्फिकार कुरैशी निवासी नालापार (चंदननगर) और आमिर पुत्र उस्मान रंगरेज निवासी आमवाला रोड (चंदननगर) को गवाह बनाया गया था।
165 से ज्यादा मामलों में इनकी गवाही मिली थी
शराब तस्करी, हथियार जब्ती, जुआ, एनडीपीएस एक्ट जैसे 165 से ज्यादा मामलों में इनकी गवाही मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने अफसरों को न सिर्फ फटकार लगाई बल्कि थाना प्रभारी को पद से हटाने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान टीआइ भी कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने सफाई दी और कहा कि प्रकरण उनके द्वारा दर्ज नहीं किए गए हैं। इसमें विवेचकों की लापरवाही है।
न्यायमूर्ति ने तल्ख टिप्पणी की और कहा कि थाना प्रभारी होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है। मंगलवार देर शाम पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने टीआइ को लाइन अटैच कर दिया। आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में कोर्ट का हवाला दिया गया है। टीआइ की तत्काल थाने से लाइन के लिए रवानगी भी कर दी।
कानून के छात्र असद द्वारा आमिर और सलमान का रिकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। उसमें विवेचक, गवाहों के नाम और केस की जानकारी थी। न्यायमूर्ति ने टीआइ को तलब कर फटकार लगाई। न्यायमूर्ति ने कहा एसएचओ लोगों के प्रोटेक्शन के लिए होता है।
हम आपका आतंक समझ सकते हैं। इसके बाद भी थाने में जुआ एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हुए और उसमें पॉकेट गवाहों की गवाही ले ली गई। जबकि कोर्ट ने तो यह भी कहा कि हर घटना के वक्त आमिर और सलमान ही क्यों मौजूद रहते हैं।




