आज दिनांक 01 दिसंबर 2025 को जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक गेहलोत ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित ‘माँ की बगिया’ कार्यों की समीक्षा बैठक ली।
जबलपुर/मझौली
बैठक में जिलेभर से आए उपयंत्रियों और सहायक यंत्रियों की कार्यशैली का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी
सीईओ ने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि जहाँ प्रगति कम है, वहाँ के
उपयंत्री सहायक यंत्री एक सप्ताह के भीतर योजना की प्रगति दिखाएँ, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मैटेरियल बिल और पोर्टल एंट्री में लापरवाही पर नाराज़गी
मटेरियल भुगतान और पोर्टल अपडेट में देरी पाए जाने पर सीईओ ने सख्त रुख अपनाया और कहा —“हितग्राहियों से सामग्री बिल तत्काल प्राप्त कर पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए, देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं।”
मास्टर रोल जारी कर कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश
मनरेगा के तहत जिले की सभी ‘माँ की बगिया’ में मास्टर रोल जारी, कार्य प्रारंभ ,फील्ड स्तर पर वास्तविक प्रगति, सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
‘माँ की बगिया’ योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में– सुरक्षित एवं स्वच्छ हरित परिसर विकसित करना– स्थानीय मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है। धीमी प्रगति से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा था।
सीईओ की इस कड़ी समीक्षा के बाद उम्मीद है कि कार्यों में तेजी आएगी और योजना धरातल पर बेहतर परिणाम देगी।




