धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शंकराचार्य मठ से जुड़ी बताई जा रही एक चार मंजिला इमारत पर बुलडोजर चला दिया।
उज्जैन
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार संबंधित भवन पर निर्माण नियमों के उल्लंघन और आवश्यक अनुमति के अभाव के आरोप थे। पूर्व में नोटिस जारी किए जाने के बाद भी कथित रूप से नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने यह कदम उठाया।
अधिकारियों का कहना है कि भवन को लेकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई थी। दस्तावेजों की जांच और सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई। समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े निर्माणों पर भी प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह नियमों और न्यायालयीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई की जाएगी—चाहे वह निजी व्यक्ति हो या कोई संस्था।
उज्जैन में हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि धार्मिक या सामाजिक पहचान के बावजूद शहरी विकास और भवन निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। अब सभी की नजर इस पर है कि आगे जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।




