मध्यप्रदेश सरकार ने बजट 2026–27 के जरिए विकसित भारत @2047 के संकल्प को प्रदेश स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ाने का दावा किया है।
भोपाल/विधानसभा विशेष
विधानसभा में माननीय उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत ₹4,38,317 करोड़ का यह बजट न केवल अब तक का सबसे बड़ा बजट है, बल्कि प्रदेश का **पहला रोलिंग बजट भी है, जिसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप लचीला और दूरदर्शी बताया जा रहा है।
GYAN से GYANII तक का सफर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के GYAN—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति—के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने इसमें I’ यानी इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को भी जोड़ दिया है। इस तरह बजट का मार्गदर्शी सिद्धांत बना ‘GYANII’, जो सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक मजबूती की स्पष्ट दिशा दिखाता है।
टैक्स नहीं, भरोसा बढ़ा
लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया, जिसे सरकार ने आम जनता और मध्यम वर्ग के लिए राहत भरा कदम बताया। बढ़ती महंगाई के दौर में बिना टैक्स बढ़ाए इतना बड़ा बजट पेश करना सरकार की वित्तीय प्रबंधन क्षमता का दावा करता है।
विकास का संतुलित रोडमैप
बजट में जहां गरीब कल्याण और नारी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है, वहीं युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए अन्नदाता-केंद्रित योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर व इंडस्ट्री के जरिए निवेश और रोजगार सृजन पर खास जोर है। सरकार का कहना है कि यह बजट सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन साधता है।
रोलिंग बजट: भविष्य की तैयारी
प्रदेश का पहला रोलिंग बजट होने के कारण इसमें आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुसार संशोधन और समायोजन की गुंजाइश रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम तेजी से बदलती आर्थिक परिस्थितियों में प्रदेश को अधिक सक्षम बना सकता है।
केंद्र–प्रदेश समन्वय का दावा
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट केंद्र सरकार से निरंतर मिल रहे सहयोग और योजनाओं के साथ पूरी तरह समन्वित है, ताकि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।
बड़ा सवाल
सरकार ने बजट को समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में ऐतिहासिक बताया है, लेकिन अब असली कसौटी इसके जमीनी क्रियान्वयन में होगी—क्या यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज़ बनेगा या वाकई गरीब, किसान, युवा और महिलाओं की जिंदगी में ठोस बदलाव लाएगा?
फिलहाल, संदेश साफ है—सरकार ने 2026–27 के बजट को सिर्फ खर्च का नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने का दस्तावेज़ बताया है




