सरकारी रिकॉर्ड सुधार के नाम पर क्लर्क ने मांगे 8 हजार, 5 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया
निवास
सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर से बड़ा खुलासा हुआ है। निवास एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक क्लर्क को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया जिससे पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, एक ग्रामीण नागरिक सरकारी रिकॉर्ड में अपने पिता के नाम की त्रुटि सुधार कराने एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि संबंधित क्लर्क ने इस साधारण और नियमसंगत कार्य के लिए पहले 8,000 रुपये की अवैध मांग की।
काफी मोलभाव के बाद 5,000 रुपये में सौदा तय हुआ, लेकिन ग्रामीण ने रिश्वत देने के बजाय शिकायत दर्ज कराकर कानून का सहारा लिया।
जैसे ही थमा पैसा, वैसे ही खुली पोल
शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई की गई और जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कार्रवाई के बाद आरोपी क्लर्क से पूछताछ की जा रही है और विभागीय व कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि—जब रिकॉर्ड सुधार जैसे मूलभूत कार्य के लिए रिश्वत ली जा रही है,तो आम ग्रामीण बिना पैसे दिए अपना काम कैसे कराए?




