7 दिन लगातार अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का आदेश निरस्त
भोपाल
प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार 7 दिनों तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर अतिथि शिक्षकों को सेवा से मुक्त करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद हजारों अतिथि शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
पूर्व में जारी आदेश के अनुसार यदि कोई अतिथि शिक्षक बिना अनुमति सात दिवस तक लगातार अनुपस्थित पाया जाता था, तो उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त किए जाने का प्रावधान था। इस आदेश को लेकर शिक्षकों में असंतोष था और विभिन्न जिलों से आपत्तियाँ एवं पुनर्विचार की मांग उठ रही थी।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षकों का तर्क था कि कई बार स्वास्थ्य कारणों, पारिवारिक आपात स्थितियों या प्रशासनिक कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, ऐसे में सीधे सेवा समाप्ति का प्रावधान कठोर और अन्यायपूर्ण था।
अब संबंधित विभाग द्वारा उक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया है। माना जा रहा है कि यह निर्णय अतिथि शिक्षकों की मांगों और जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति एवं सेवा संबंधी व्यवस्थाएं मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित होती हैं, जहां समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे कार्यरत शिक्षकों को मानसिक दबाव से राहत मिलेगी और वे अधिक समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपस्थिति और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन दंडात्मक प्रावधान मानवीय दृष्टिकोण से संतुलित होने चाहिए।
अब नजर इस बात पर है कि विभाग आगे अतिथि शिक्षकों की सेवा शर्तों को लेकर क्या नई गाइडलाइन जारी करता है। फिलहाल, आदेश निरस्त होने से शिक्षा जगत में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।




