चना और मसूर उपार्जन की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न, 30 मार्च से शुरू होगी खरीदी
जबलपुर।
जिले में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। सोमवार को उप संचालक कृषि डॉ. एस. के. निगम की अध्यक्षता में उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटर्स की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों को और कड़ा किया गया है।
30 मार्च से 28 मई तक चलेगा उपार्जन
शासन के निर्देशानुसार, जिले में चना और मसूर का उपार्जन 30 मार्च से शुरू होकर 28 मई तक चलेगा। किसानों की सुविधा के लिए जिला उपार्जन समिति की अनुशंसा पर प्रत्येक विकासखंड में एक-एक केंद्र के मान से कुल 7 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
समर्थन मूल्य और मानक (FAQ) का पालन अनिवार्य
बैठक में उप संचालक कृषि ने निर्धारित दरों की जानकारी देते हुए बताया कि: चना: 5,875 रुपये प्रति क्विंटल मसूर: 7,000 रुपये प्रति क्विंटल
अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) मानक का अनाज ही खरीदा जाएगा। निम्न गुणवत्ता का माल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
ओटीपी नहीं, बायोमेट्रिक होगा जरूरी
इस बार खरीदी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। जिला विपणन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल ओटीपी के माध्यम से खरीदी मान्य नहीं होगी। किसान को केंद्र पर आकर बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे का निशान) करना अनिवार्य होगा।
नॉमिनी की सुविधा: यदि किसान स्वयं उपस्थित नहीं हो पाता है और उसने पंजीयन के समय परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी नियुक्त किया है, तो उसकी उपस्थिति में तुलाई हो सकेगी। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी नॉमिनी का आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
कड़ी निगरानी में होगी खरीदी
बैठक में जिला प्रबंधक नेफेड और सचिव कृषि उपज मंडी भी मौजूद रहे। सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन की ऑनलाइन खरीदी और भौतिक स्टॉक का मिलान कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजें। उपार्जन नीति के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रबंधकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मझौली दर्पण न्यूज़ / के लिए जबलपुर से ब्यूरो रिपोर्ट




