5 साल की गारंटी-संधारण में भी सवालों के घेरे में इंद्राना–सिमरिया छीतापाल मार्ग
मझौली/जबलपुर
भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बने इंद्राना PWD से सिमरिया चीतापाल मार्ग की हालत को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 2.352 किलोमीटर लंबा यह मार्ग निर्माण पैकेज MP18WB012 के अंतर्गत बनाया गया था, जिसकी पांच वर्षीय गारंटी एवं संधारण अवधि में रखरखाव कार्य अब चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा वित्तपोषित इस मार्ग के आगामी पांच वर्षों के संधारण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स मेकल कंस्ट्रक्शन, जबलपुर को सौंपी गई है। रखरखाव पैकेज क्रमांक MP18MTN034 के तहत 19 जून 2025 से 19 जून 2030 तक कार्य किया जाना है। क्रियान्वयन एजेंसी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA), परियोजना क्रियान्वयन इकाई, जबलपुर है।
दस्तावेजों के अनुसार गारंटी-संधारण अवधि में घास-झाड़ियों की कटाई, रेनकट्स सुधार, सोल्डर संधारण, पॉटहोल व क्रेक भराई, नालियों की सफाई, पुल-पुलियों व रोड फर्नीचर का संचारण तथा रेलिंग-दीवार की पुताई जैसे कार्य निर्धारित आवृत्ति से किए जाने हैं। बावजूद इसके ग्रामीणों का आरोप है कि संधारण कार्य कागजों तक सीमित है, जबकि मौके पर सड़क की हालत बदहाल बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि मार्ग की अमरीकृत लंबाई 2.352 किमी बताई गई है, किंतु कही पर भी सड़क निर्माण कार्य की लागत नही दर्शाई गई वहीं सीमेंट कांक्रीट मार्ग की लंबाई नगण्य है। पुल-पुलियों व रपटों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख न होना भी पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये के रखरखाव बजट के बावजूद सड़क की दशा क्यों नहीं सुधर रही? क्या PMGSY की पांच वर्षीय गारंटी-संधारण व्यवस्था सिर्फ फाइलों में चल रही है? ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों-ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।




