राजधानी में बीपीएल कार्ड (BPL Card) बनाने में हुए बड़े फर्जीवाड़े के मामले में कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।
भोपाल
आज के दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर के निर्देशन पर अपर कलेक्टर ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
एक्शन में कलेक्टर: दो निलंबित, एक को नोटिस
प्रशासनिक सिस्टम में सेंध लगाकर अपात्रों के बीपीएल कार्ड बनाने के दोषी पाए जाने पर प्रशासन ने गाज गिराई है:
दो कर्मचारी निलंबित: फर्जीवाड़े में सीधे तौर पर शामिल पाए गए दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कारण बताओ नोटिस: एक अन्य कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब तलब किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि एमपी नगर SDM कार्यालय में अधिकारियों की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर 100 से ज्यादा फर्जी बीपीएल कार्ड बनाए गए थे। इसमें वन विभाग के कर्मचारी किशोर मेहरा, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर सुरेश बैरागी और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत सामने आई थी। खबर है कि एक कार्ड के एवज में 15 हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार और गरीबों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य SDM कार्यालयों में भी पिछले एक साल में बने कार्डों की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर भोपाल के इस त्वरित एक्शन की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है, जिससे भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।




