स्लॉट बुकिंग पर भी रोक लगाने शासन से किया अनुरोध.
जबलपुर
जिले के ऐसे 64 किसान से खरीदी केंद्रों पर धान के उपार्जन पर रोक लगा दी गई जो जबलपुर, पाटन और सिहोरा कृषि उपज मंडी में नवम्बर एवं दिसम्बर माह के दौरान अपनी धान का विक्रय कर चुके हैं।
जिला आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार मिश्र के मुताबिक इन किसानों पर उपार्जन केंद्रों पर धान का विक्रय करने पर रोक लगाने का निर्णय जिला उपार्जन समिति की बैठक में कृषि उपज मंडी समिति जबलपुर के सचिव से जबलपुर, पाटन एवं सिहोरा मंडी में नवंबर और दिसम्बर माह के दौरान डाक नीलामी में धान का विक्रय करने वाले किसानों की प्राप्त सूची के आधार पर लिया गया है।
जिला उपार्जन समिति की 12 दिसम्बर को संपन्न हुई इस बैठक में ही मंडी समिति द्वारा प्रस्तुत डेटा का विश्लेषण ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किया गया था और विश्लेषण में पाया गया कि 100 क्विंटल एवं उससे अधिक धान विक्रय करने वाले 64 किसानों द्वारा 11 हजार 840 क्विंटल 74 किलो धान जिले की तीनों मंडियों में बेची जा चुकी है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि सभी 64 किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिये भी अपना पंजीयन कराया गया है। इन किसानों द्वारा मंडी समिति में विक्रय की गई धान एवं उनके पास धान की उपलब्धता के सत्यापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि इन किसानों के पंजीयन का अवैध लाभ बिचौलियों के द्वारा लिये जाने की आशंका को देखते हुये सत्यापन की कार्यवाही पूर्ण होने तक धान विक्रय हेतु इनके स्लॉट बुकिंग पर भी रोक लगाए जाने का अनुरोध राज्य शासन से किया गया है।




