भ्रष्टाचार पर प्रहार: ‘लुटेरी तहसीलदार’ के सिंडिकेट का भंडाफोड़, 18 करीबियों समेत 87 रडार पर; जल्द होगी बड़ी गिरफ्तारी

संगठित गिरोह: तहसीलदार के साथ मिलकर सरकारी तंत्र को चूना लगा रहे थे 18 खास सहयोगी।

 ACB की दबिश: छापेमारी में बेनामी संपत्तियां और भारी नकदी बरामद।
 शिकंजे में दिग्गज:भू-माफिया, बिल्डर और राजस्व विभाग के कर्मचारी सूची में शामिल।

जबलपुर

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रशासन और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। हाल ही में गिरफ्तार हुई ‘लुटेरी तहसीलदार’ के काले कारनामों की परतें खुलते ही एक विशाल आपराधिक नेटवर्क सामने आया है। सूत्रों की मानें तो तहसीलदार के 18 मुख्य सहयोगियों सहित कुल 87 संदिग्धों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

भ्रष्टाचार का ‘संगठित मॉडल’

जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई साधारण रिश्वतखोरी का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित गिरोह था। तहसीलदार ने पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और लिपिकों की एक ऐसी टीम तैयार की थी जो भूमि सौदों और सरकारी धन के गबन में माहिर थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, सरकारी फाइलों को आगे बढ़ाने और अवैध कब्जों को वैध करने के लिए लाखों की वसूली की जाती थी।

डिजिटल सबूतों ने खोले राज

ACB द्वारा जब्त किए गए तहसीलदार के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने इस पूरे सिंडिकेट का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स से उन 18 करीबियों के नाम सामने आए हैं जो तहसीलदार के ‘दाहिने हाथ’ बनकर काम कर रहे थे। इसके अलावा, 87 अन्य लोगों की सूची तैयार की गई है, जिनमें शहर के बड़े बिल्डर, दलाल और भू-माफिया शामिल हैं।

छापेमारी में मिली अकूत संपत्ति

संयुक्त टीम द्वारा की गई छापेमारी में न केवल बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, बल्कि भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई है। जांच एजेंसी अब इन संपत्तियों के असली मालिकों और धन के स्रोतों का पता लगा रही है।

अधिकारी का बयान:

भ्रष्टाचार की इस जड़ को पूरी तरह उखाड़ फेंकना हमारा लक्ष्य है। जांच के दायरे में आने वाला हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, सलाखों के पीछे होगा। हम साक्ष्यों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से गिरफ्तारियां शुरू कर रहे हैं।”* वरिष्ठ अधिकारी, ACB

ब्यूरो रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज़

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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