मध्यप्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला शाखा जबलपुर ने स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल करने और कर्मचारियों को कथित रूप से ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाते हुए संभागीय आयुक्त एवं कलेक्टर जबलपुर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि ऐसे अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर एवं तत्काल कार्रवाई की जाए।
जबलपुर
संघ के जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि विभाग में कार्यरत कुछ अधिकारी/कर्मचारी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए सहकर्मियों के अत्यंत गोपनीय दस्तावेज कथित रूप से अवैध तरीके से प्राप्त कर रहे हैं। आरोप है कि इन दस्तावेजों में तकनीकी कमियां निकालकर संबंधित कर्मचारियों को ब्लैकमेल किया जा रहा है और लाखों रुपये की मांग की जा रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रकम न देने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित कराने या वकीलों के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाकर दबाव बनाया जा रहा है। संघ का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ रही हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।
संघ के प्रांतीय सचिव अजय कुरील ने कहा कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगाई गई, तो विभाग में भय और अविश्वास का वातावरण और गहरा होगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। संघ ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व आदेशों के अनुसार संघ के पत्रों का उत्तर देना अनिवार्य है, अतः प्रशासन इस मामले में त्वरित संज्ञान ले।
अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह मामला विभागीय अनुशासन और गोपनीयता व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकता है।
स्वास्थ्य सेवा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है—अब देखना है कि जिम्मेदारों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।




