जिला आयुष अधिकारी श्रीमती अर्चना मरावी ने बताया कि जिले में संचालित 42 आयुष औषधालयों में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी विधा से जन सामन्य को उत्तम स्वास्थ्य लाभ प्रदान किये जाने निरंतर कार्य किये जा रहे है।
जबलपुर
एक वर्ष में नये रोगी 3 लाख 13 हजार 971 एवं पुराने रोगी 96 हजार 559 इस तरह कुल 4 लाख 10 हजार 530 रोगियो का परीक्षण उपरांत निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर संचालित आयुष विंग में पंचकर्म विधा के माध्यम से 917 रोगियों का चिकित्सा लाभ प्रदान किया गया है। इसके साथ-साथ रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से अनेक चिकित्सा शिविर का आयोजन शहरी क्षेत्र में किया जाता है, जिसमें कुल 571 शिविर का आयोजन किया गया। आयोजित शिविर में 37 हजार 554 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सा लाभ प्रदान किया गया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य जन सामान्य को अधिक से अधिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, ऋतुचर्या के अनुरूप आहार, विहार का विचार जन सामान्य के ध्यान में लाया जाना आदि है। योजनाओं के कम में आयुष ग्राम योजना का कियान्वयन किया गया है जिसमें ग्राम-सिंगौद, सुकरी, बोरिया, नुनसर को चयनित किया गया है। आयुष ग्राम योजना के अन्तर्गत उक्त चारों ग्राम में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय जबलपुर के सहयोग से विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें ग्राम वासियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उनके परिवार का चिकित्सा सर्वे किया जा रहा है एवं रोगानुसार औषधियों का प्रदान किया जाना तथा पैथालॉजी जाँच भी की जाती है।
विभाग के विजन के बारे में जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित सभी 42 औषधालयों में से प्रथम चरण में 11 औषधालयों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया। द्वितीय चरण में 02 औषधालयों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया। तृतीय चरण में 06 औषधालयों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया एवं चतुर्थ चरण में 01 आयुर्वेद औषधालय को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया। इस तरह कुल 20 औषधालयों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा चुका है। इन 20 औषधालय में विशेष रूप से चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसमें पैथालॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाना, पंचकर्म विधा से जटिल रोगों की चिकित्सा की जाकर रोगियों को चिकित्सा लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कम में आगामी वर्ष में शेष औषधालयों को भी हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जिन औषधालयों को हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, उन्हें एन.ए.बी.एच. प्रमाणीकरण कराये जाने हेतु पूर्णतः प्रयास किये जा रहे है।
उन्होंने कहा कि विभाग में उल्लेखनीय कार्य भी हुए हैं जिसमें चिकित्सा कार्य में निरंतर कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत जन सामान्य को सरलतापूर्वक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में वैद्य आपके द्वारा योजना अन्तर्गत ग्रामीण जनों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाकर चिकित्सा परामर्श दिया गया है।




