जमुनिया सकरा के निवासी दिनेश पटेल को सांप काटने के बाद इलाज के लिए मोहन्लाल हरगोविंद दास अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


पाटन जबलपुर
परिजनों के अनुसार उपचार में काफी खर्च होने के कारण उन्होंने सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय विधायक से संपर्क किया।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री सहायता निधि या स्वेच्छानुदान के माध्यम से मदद की उम्मीद में विधायक से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि विधायक ने उन्हें पहले अपने कार्यालय से पत्र बनवाने और फिर भोपाल आने को कहा।
परिजन विधायक कार्यालय से पत्र बनवाकर भोपाल पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें कथित रूप से यह कहकर मदद से इंकार कर दिया गया कि वे संबंधित राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। आरोप है कि विधायक ने कहा कि पहले उनकी पार्टी की सदस्यता लें, तभी सहायता पर विचार किया जाएगा।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार निराश होकर वापस लौट आया। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
हालांकि इस मामले में संबंधित विधायक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्षेत्र में उठ रहे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में सहायता क्या राजनीतिक आधार पर दी जानी चाहिए या फिर मानवीय आधार पर।
(नोट: यह खबर पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी पर आधारित है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।)




