मध्य प्रदेश के जनजाति कार्य विभाग में एक और बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है।




दमोह
विभाग द्वारा घटिया गुणवत्ता की सामग्री की 40 लाख रुपये की खरीदी किए जाने के गंभीर आरोपों के बाद शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए डिप्टी कलेक्टर बृजेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह मामला सामने आने के बाद सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि योजनाओं के नाम पर धन का दुरुपयोग किया गया और वास्तविक लाभार्थियों तक सामग्री नहीं पहुँची
सूत्रों के अनुसार, जनजाति विभाग में वितरण हेतु सामग्री की खरीदी में:निम्न स्तर की क्वालिटी
बिलिंग में भारी गड़बड़ी,वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक भुगतान,स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड संदिग्ध
जांच में पाया गया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह नियम विरुद्ध की गई
जांच रिपोर्ट के आधार पर:डिप्टी कलेक्टर बृजेश सिंह निलंबित
आपूर्ति से जुड़े अन्य जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में
फाइलें और रिकॉर्ड जब्त, ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की तैयारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा— “सरकारी धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त दंड होगा
घोटाले की पुष्टि के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि—आखिर कब तक पुलिस FIR दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी करेगी?
क्योंकि वर्तमान में केवल विभागीय कार्रवाई हुई है जबकि घोटाले का दायरा आपराधिक है।




