लोकतंत्र के जमीनी सरकार कहे जाने वाले पंचायत प्रतिनिधि जब रक्षक की जगह भक्षक बन जाएं, तो समाज में अराजकता का माहौल पैदा होना तय है।
मझौली (मध्य प्रदेश)
ताजा मामला जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गठौरा से सामने आया है, जहाँ सरपंच मुकेश झारिया और उसके साथियों की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत गठौरा में विकास कार्यों या आपसी विवाद (जांच का विषय) को लेकर सरपंच मुकेश झारिया, मुकेश विकास, संत ठाकुर, बहादुर सिंह ठाकुर और नरेंद्र ठाकुर ने मिलकर ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि इन दबंगों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए महिलाओं के साथ भी बेरहमी से मारपीट की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और उसके साथी लंबे समय से पंचायत में अपनी मनमानी चला रहे हैं और विरोध करने पर इसी तरह डराने-धमकाने का काम करते हैं।




