धान की कटाई के साथ ही अब मझौली विकासखंड में पराली प्रबंधन का कार्य भी तेजी पकड़ चुका है।
मझौली जबलपुर
पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से फार्म वाट कंपनी द्वारा किसानों के खेतों में बेलर मशीनों के माध्यम से पराली के बंडल (बेल) तैयार किए जा रहे हैं।
आज दिनांक 12 नवंबर 2025 को ग्राम मझगवां में किसान राजू पटेल के खेत पर पराली प्रबंधन कार्य का निरीक्षण अनुविभागीय कृषि अधिकारी सिहोरा श्रीमती मनीषा पटेल वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एल. मिश्रा एवं कृषि विस्तार अधिकारी रूपाली पटेल द्वारा किया गया।
बताया गया कि किसान राजू पटेल के 15 एकड़ खेत में यह कार्य संपन्न हुआ है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को पराली प्रबंधन के बाद हेप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं ज़ीरो टिल सीड ड्रील के माध्यम से बोनी करने की सलाह दी जिससे मिट्टी की नमी बनी रहती है और उसमें कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेलर मशीन से पराली हटाने के बाद खेतों में हेप्पी सीडर के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
निरीक्षण के दौरान फार्म वाट कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट श्री अतुल कुमार पाल भी उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि लमकना ग्राम के आसपास 6 किलोमीटर के दायरे में 5 बेलर यूनिट सक्रिय हैं, और अब तक लगभग 110 एकड़ क्षेत्र में पराली एकत्र कर बेल तैयार किए जा चुके हैं।
कंपनी की टीम प्रतिदिन औसतन 30 से 35 एकड़ क्षेत्र में पराली एकत्र कर बेल बना रही है, तथा पराली प्रबंधन का लक्ष्य 10,000 से 12,000 एकड़ क्षेत्र तक का रखा गया है।
कृषि विभाग एवं फार्म वाट कंपनी द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे पराली जलाने के बजाय पराली प्रबंधन कार्य में सहयोग करें, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि खेत की मिट्टी की गुणवत्ता भी दीर्घकाल तक बनी रहेगी।
अनुविभागीय कृषि अधिकारी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास सिहोरा, जिला जबलपुर




