मध्य प्रदेश में घोटालों की फेहरिस्त में अब एक और चौंकाने वाला अध्याय जुड़ गया है।
रतलाम/मध्य प्रदेश
रतलाम नगर निगम में डॉग स्टरलाइजेशन के नाम पर ऐसा खेल खेला गया कि सुनकर होश उड़ जाएं। सरकारी रिकॉर्ड में 33 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी का दावा किया गया, लेकिन जमीनी जांच में महज 2200 कुत्तों की नसबंदी ही पाई गई। सवाल उठता है—बाकी 30 हजार कुत्ते कागजों में कहां गए?
शहर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं और आवारा कुत्तों की भरमार के बीच यह घोटाला मानव सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है। आरोप है कि फर्जी आंकड़ों, मनगढ़ंत रिपोर्टों और मिलीभगत के जरिए करोड़ों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया।
अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर, और रिकवरी के साथ निलंबन किया जाए। वरना यह साफ है—यहां नसबंदी कुत्तों की नहीं, सिस्टम की सच्चाई की हुई है जो पूरी तरह फेल नजर आ रहा है।




