₹5 कृषि बिजली कनेक्शन योजना में बड़ा घोटाला? कागजों में बांटे कनेक्शन, जमीनी हकीकत शून्य!

गरीब किसानों से ₹2500 तक वसूली के आरोप, आरटीआई में मांगी जानकारी पर चुप्पी —जिम्मेदार अफसरों पर सवाल

जबलपुर/सिहोरा

किसानों को राहत देने के लिए शुरू की गई ₹5 में स्थाई कृषि विद्युत कनेक्शन योजना अब बड़े घोटाले के शक के घेरे में है। जमीनी स्तर पर इस योजना का लाभ न मिलने और उल्टा किसानों से भारी वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

मामले में आरटीआई के जरिए जब जानकारी मांगी गई, तो विभाग ने चुप्पी साध ली, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

सरकार और बिजली कंपनी द्वारा यह प्रचारित किया गया कि किसानों को ₹2500 के बजाय मात्र ₹5 में कृषि कनेक्शन दिया जाएगा। लेकिन—कई किसानों को योजना की जानकारी ही नहीं दी गई आवेदन करने पर ₹2500 या उससे अधिक राशि मांगी गई कई किसानों को “लाइन विस्तार” का बहाना बनाकर टाल दिया गया

मामले को उजागर करने के लिए स्थानीय आवेदक शिवम साहू (वार्ड 10, मझौली) द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, जिसमें:

योजना के आदेश और सर्कुलर वास्तविक लाभार्थियों की सूची ₹5 में दिए गए कनेक्शनों का पूरा रिकॉर्ड और अधिक राशि वसूली के मामलों का विवरण शामिल था। लेकिन निर्धारित समयसीमा के बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई जिससे साफ है कि विभाग कुछ छुपाने की कोशिश कर रहा है।

सूत्रों और स्थानीय किसानों के अनुसार—₹5 योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है वास्तविक लाभ चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया आम किसानों से आज भी ₹2500 तक वसूली की जा रही है

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरटीआई लगाने वाला आवेदक बीपीएल कार्ड धारक है, जिसे कानून के अनुसार निःशुल्क सूचना मिलनी चाहिए फिर भी विभाग द्वारा जानकारी रोकी गई।

मामले में अब प्रथम अपील दायर कर दी गई है, जिसमें—15 दिन में जानकारी देने दोषी अधिकारी पर ₹25,000 जुर्माना और पूरे मामले की विजिलेंस जांच की मांग की गई है।

किसानों का कहना है:अगर ₹5 में कनेक्शन मिल रहा है, तो हमसे हजारों रुपये क्यों लिए जा रहे हैं?”

योजना सिर्फ नेताओं के भाषण में है, जमीन पर नहीं”

₹5 कृषि कनेक्शन योजना अब सवालों के घेरे में है। यह मामला सिर्फ एक RTI नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों और सिस्टम की पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा बन चुका है।

अब देखना यह है कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह घोटाला भी फाइलों में दब जाएगा

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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